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बीए सेमेस्टर-3 भूगोल

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2022
पृष्ठ :215
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2641
आईएसबीएन :0

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बीए सेमेस्टर-3 भूगोल सरल प्रश्नोत्तर

प्रश्न- पादप संरक्षण से आप क्या समझते हैं? विभिन्न संकटग्रस्त पादपों के संरक्षण के लिए किये गये विभिन्न उपायों की विवेचना कीजिए।

उत्तर -

पादप संरक्षण
(Plant Reservation)

वनों के विनाश, प्राकृतिक आपदाओं तथा जलवायु परिवर्तन से अनेक पादप व जन्तु जातियाँ विलुप्त होती जा रही हैं। विलुप्त हो रहे पौधों को प्रकृति तथा प्राकृतिक संसाधनों के लिए अन्तर्राष्ट्रीय संघ (IUCN = International Union for Conservation of Nature and Natural Resources) ने चार श्रेणियों में बांटा है -

1. संकटग्रस्त जातियाँ (Endangered Species) वे जातियाँ जिनके विलुप्त होने का भय है क्योंकि इनके आवास अत्यधिक कम हो गये हैं, निकट भविष्य में इनके विलुप्त होने की संभावना अधिक है।

2. दुर्लभ जातियाँ (Rare Species) वे जातियाँ जो संख्या में कम तथा कुछ विशेष स्थानों पर बची हैं। इनके विलुप्त होने का भय अधिक है।

3. आपत्तिग्रस्त जातियाँ (Threatened Species) वे जातियाँ जिनके आवास इतने नष्ट हो चुके हैं कि उनके शीघ्र ही संकटग्रस्त स्थिति में आ जाने की संभावना है।

4. सुमेध जातियाँ (Vulnerable Species) वे जातियाँ जिनके भविष्य में आपत्तिग्रस्त श्रेणी में आने की सम्भावना है।

इस सन्दर्भ में सर्वेक्षण पर संकटग्रस्त पादप व जन्तुओं की सारणी लाल आंकड़ों की पुस्तक (Red data book) में प्रकाशित हो गई है। इस प्रकार के प्रयास भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (Botanical Survey of India = BSI ), वन अनुसंधान संस्थान (Forest Research Institute FRI) तथा भारत सरकार के पर्यावरण विभाग (Department of Environment) ने किये हैं। प्रयासों से लाल आंकड़ों की पुस्तक में दो खण्डों में 435 पादप जातियों का विवरण प्रकाशित हुआ है। भारत में ऐसी दुर्लभ या संकटग्रस्त 900 पादप जातियों का विवरण प्राप्त हुआ है। पहिचानने के पश्चात् इन दुर्लभ तथा संकटग्रस्त जातियों को सुरक्षित स्थानों में उगाया गया है तथा इन पौधों का विवरण हरित या हरी पुस्तक (Green Book) में किया गया है। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण द्वारा प्रकाशित हरित पुस्तक में लगभग 100 पौधों का उल्लेख किया गया है।

राजस्थान में कोमीफोरा विष्टाई ( Commiphora wightii ), हेलिक्रायसम कुटिचक्रम (Helichrysum cutchicum) हायफीन डाइकोटोमा (Hyphaene dichotoma) तथा रोजा इन्वाल्यूक्रेटा (Rosa involucrata) पादपों को संकटग्रस्त घोषित किया है।

जन्तुओं में गोडावण पक्षी (प. राजस्थान), टाइगर सफेद टाइगर, बब्बर शेर, कस्तूरी मृग, बारहसिंहा, श्वेत पंखों की वड बतख तथा गुलाबी सिर की बतख संकटग्रस्थ जातियाँ हैं, परन्तु अब इन्हें संरक्षण की दृष्टि से राष्ट्रीय पार्कों में रखा गया है। विलुप्ती के अन्तर्गत मारिसस का विचित्र पक्षी डोडो (Dodo) पूर्णतः विलुप्त हो चुका है। भारत सरकार ने 1972 में वन्य जीव संरक्षण कानून बनाया है तथा अनेक राष्ट्रीय पार्क (National park ) व जन्तु शरणस्थली (Sancturies) की स्थापना की है।

संरक्षण के लिए किए गये उपाय : भारत में 67 राष्ट्रीय पार्क 394 शरणस्थल है। इन राष्ट्रीय पार्कों में से 17 का चयन केवल 'टाइगर परियोजना के लिये है। राजस्थान में 3 राष्ट्रीय पार्क व 20 वन्य जीव शरणस्थल हैं। संरक्षण अन्तर्गत निम्न कार्यक्रम व संगठन बनायें गये हैं.

(i) प्रकृति तथा प्राकृतिक संसाधनों के लिए अन्तर्राष्ट्रीय संघ (International Unions for Conservation of Nature and Natural Resources = IUCN)। इसे सन् 1948 में बनाया गया तथा इसका कार्यालय स्विट्जरलैण्ड में है।

(ii) विश्व वन्य जीव कोष (World Wild Life Fund = WWLF) | यह IUCN का सहायक संघटन है, जो सन् 1962 में स्थापित किया गया। भारत में इसकी शाखा है।

(iii) अन्तर्राष्ट्रीय जैवमण्डल संरक्षण कार्यक्रम (International Biosphere Conservation Programme = IBCP)।

(iv) रक्षित जैवमण्डल कार्यक्रम (Biosphere Reserve Programme = BRP) |

(v) मानव और जैवमण्डल (Man and Biosphere = MAB) इसके अन्तर्गत भारत में 13 क्षेत्रों को आरक्षित किया गया है।

(vi) हमारे देश में सन् 1952 में भारतीय वन्य जैवमण्डल (Indian Board for Wild Life = IBWL) की स्थापना की गई।

(vii) नागपुर में राष्ट्रीय पर्यावरणी अभियांत्रिकी शोध संस्थान (National Environmental Engineering Research Institute = NEERI ) स्थापित की गई है।

(viii) वन्य फ्लोरा ( Flora ) व फ्यूना (fauna) की संकटग्रस्त जातियों के अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार पर रोक (Converntion of International Trade in Endengered Species of Wild Flora and Fauna = CITES ) लगाई गई।

कुछ संकटग्रस्त पौधों की सूची तालिका में दी गई है -

जीन बैंक (Gene Bank) - वे संस्थान जो महत्वपूर्ण व उपयोगी पौधों के जर्मप्लाज्म (germplasm) को सुरक्षित रखते हैं, उन्हें जीन बैंक के नाम से जाना जाता है। जर्मप्लाज्म से तात्पर्य है कि जिसके द्वारा उस पौधे का परिवर्धन होता है। जीन बैंक में बीज, परागकण, बीजाण्डों, अण्ड कोशिकाओं (egg cells), ऊतक संवर्धन (tissue culture) के सहयोग से तने के शीर्ष भागों को कम ताप पर (-10°C से - 20°C) तथा कम ऑक्सीजन अवस्था में सुरक्षित रखते हैं, किन्तु कुछ पौधों के जर्मप्लाज्म (बीज) कम ताप व कम ऑक्सीजन अवस्था में मर जाते हैं। इस प्रकार के बीजों को रिकेल्सीट्रेंट बीज (Recalcitrant seeds) कहते हैं। आवश्यकता पर इन जर्मप्लाज्म से उन पौधों का परिवर्धन किया जा सकता है।

जीन बैंक में ऊतक संवर्धन (tissue culture) के सहयोग से तने के शीर्ष की ऊतक (shoot apex tissue) को ही रखा जाता है। क्योंकि यह सदैव विषाणुओं (virus) से मुक्त होती है।
शीतसंरक्षण या क्रायोप्रिरेवेशन (Cryopereservation ) - संरक्षण की वह विधि जिसमें दुर्लभ व संकटग्रस्त पादपों के जर्मप्लाज्म को अत्यधिक कम ताप पर (-196°C) पर संग्रहित रखा जाता है।
संरक्षण की दो विधियाँ हैं-

(i) जब जीवों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवासों में किया जाता हो तो स्वस्थाने संरक्षण (In-situ conservation) कहते हैं, यह अधिक उपयुक्त है तथा

(ii) जब जीवों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवासों से हटकर मानव द्वारा निर्मित सुरक्षित आवासों (शोध संस्थान, शरण स्थल, वनस्पति उद्यान) में किया जाता है तो इसे उत्स्थाने संरक्षण (Ex-situ consveration) कहते हैं।

संरक्षण व पादप बचाव सम्बन्ध में जन आन्दोलन के रूप में पहला आन्दोलन राजस्थान में 'खजेडी बचाव आन्दोलन' अमृता देवी द्वारा किया गया था। उत्तर प्रदेश के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में सुन्दर लाल बहुगुणा द्वारा चिपको आन्दोलन का नेतृत्व किया गया। इस आन्दोलन का मुख्य नारा था-

"वनों का क्या उपकार?
मृदा, जल और शुद्ध हवा,

मृदा, जल और शुद्ध हवा,
यही है जीवन का आधार।"

भारत में सन् 1952 में भारतीय वन्य जैव मण्डल (Indian Board for Wild Life - IBWL) की स्थापना की गई। भारतीय संविधान में वन्य जीवों के शिकार करने पर प्रतिबन्ध है।

कुछ संकटग्रस्त पादपों की सूची
(List of Some Endangered Plants)

 

क्र० सं०
वानस्पतिक नाम
Botaniaml Name
कुल (Family)
1. एरीडिस क्रिस्पम Arides crispum Orchidaceae
2. बैलेनोफोरा इन्वोल्यूक्रेटा Balanophora involucrata Balanophoraceae
3. कोमीफोरा मुकुल Comiphora mukul Birseraceae
4. कोल्चीकम ब्यूटिकल Colchicum butecum Liliaceae
5. एरीया क्रासीकुलिस Eria crassicaullis Aselepiadaceae
6. डिस्किडिया बेन्गालेन्सिस Dischidia bengalensis Diosoreaceae
7. डायोस्कोरिया एलैटा Dioscorea alata Orchidaceae
8. मेगोलिया ग्रिफिथी Magnolia griphithi Magnoliaceae
9. नेपेन्थिस खासियाना Napenthes khasiana Nepenthaceae
10. ओलेक्स नाना, Olax nana Olaceae
11. पैफियोपेडिलम फैरीएनम Paphiopedilum fareyanum Orchidaceae
12. पोडोफिक्सैन्ड्रम Podoiphyllum hcsandrum Berberidaceae
13. पाइनस जिरारडियाना Pinus geradiana Pinaceae
14. पाइसिया ब्रेकीटायला Picea brachytayla Pinaceae
15. पोपूलस गेम्बली Populus gambli Salicaceae
16. राविल्फिया सर्पेन्टिना Rauwolfia serpentina Apocynaceae
17. रोडोडेन्ड्रोन एजवर्थी Rhododendron edgeworthii Ericaceae
18. सेन्टेलेम एल्बम Snatalum album Santalac
19. सम्पलोकोस चैगेपी Sumplocos chagapae Symplocaceae

 

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- पर्यावरण के कौन-कौन से घटक हैं? स्पष्ट कीजिए।
  2. प्रश्न- पर्यावरण का अर्थ बताइये।
  3. प्रश्न- पर्यावरण की परिभाषायें बताइये।
  4. प्रश्न- पर्यावरण के विषय क्षेत्र को बताइए तथा इसके सम्बंध में विभिन्न पहलुओं की विवेचना कीजिए।
  5. प्रश्न- पर्यावरण के मुख्य तत्व कौन-कौन से हैं? स्पष्टतया समझाइए।
  6. प्रश्न- पर्यावरण भूगोल के विकास की विवेचना कीजिए।
  7. प्रश्न- पर्यावरण के संघटकों को समझाइए।
  8. प्रश्न- पर्यावरण के जैविक तत्वों पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
  9. प्रश्न- पारिस्थितिकी की मूलभूत संकल्पनाओं का विस्तृत वर्णन कीजिए।
  10. प्रश्न- पारिस्थितिकीय असंतुलन के कारणों का परीक्षण कीजिए एवं उसे दूर करने के उपायों की व्याख्या कीजिए।
  11. प्रश्न- पारिस्थितिक संतुलन की सुरक्षा हेतु कारगर योजना नीति पर प्रकाश डालिए।
  12. प्रश्न- पारिस्थितिकी क्या है?
  13. प्रश्न- पारिस्थितिकी की परिभाषायें बताइये।
  14. प्रश्न- पारिस्थितिकी के उद्देश्यों को बताइये।
  15. प्रश्न- पारिस्थितिकी समस्याओं के कारकों को बताइये।
  16. प्रश्न- पारिस्थितिक सन्तुलन पर टिप्पणी लिखिये।
  17. प्रश्न- जैविक संघटक के आधार पर पारिस्थितिकी का वर्गीकरण कीजिए।
  18. प्रश्न- भारत में पारस्थितिकी विकास में भौगोलिक क्षेत्र की व्याख्या कीजिए।
  19. प्रश्न- स्वपारिस्थितिकी किसे कहते हैं?
  20. प्रश्न- समुदाय पारिस्थितिक क्या है? इसके उपविभाग को समझाइए।
  21. प्रश्न- पारिस्थितिक असन्तुलन एवं संरक्षण पर टिप्पणी कीजिए।
  22. प्रश्न- पारिस्थितिक अध्ययनों के विकास पर प्रकाश डालिए।
  23. प्रश्न- मानव पारिस्थितिकी क्या है?
  24. प्रश्न- ग्रिफिथ टेलर का योगदान क्या है?
  25. प्रश्न- पारिस्थितिकी तंत्र की संकल्पना, अवयव एवं कार्यप्रणाली की विवेचना कीजिए।
  26. प्रश्न- पारिस्थितिक तंत्र को परिभाषित कीजिए।
  27. प्रश्न- पारितंत्र की संकल्पना पर प्रकाश डालिए।
  28. प्रश्न- पारिस्थितिक तंत्र की विशेषताओं को बताइए।
  29. प्रश्न- निवास्य क्षेत्र के आधार पर पारिस्थितिक तंत्र का वर्गीकरण कीजिए।
  30. प्रश्न- पारिस्थितिक तंत्र के संघटकों को बताइए।
  31. प्रश्न- मनुष्य पारिस्थितिक तंत्र में अस्थिरता उत्पन्न करता है।' व्याख्या कीजिए।
  32. प्रश्न- पारिस्थितिकीय दक्षता का क्या महत्व है?
  33. प्रश्न- भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण कैसे निहित है? उल्लेख कीजिए।
  34. प्रश्न- पर्यावरण के सन्दर्भ में पारम्परिक ज्ञान से आप क्या समझते हैं?
  35. प्रश्न- प्राकृतिक आपदा "भूकम्प" की विवेचना कीजिए।
  36. प्रश्न- पारम्परिक ज्ञान क्या है एवं इसके प्रमुख लक्षण बताइए।
  37. प्रश्न- "प्रकृति को बचाएँ, प्राकृतिक जीवन शैली अपनाएँ।" इस वाक्य पर संक्षेप में टिप्पणी लिखिए।
  38. प्रश्न- भारतीय पारम्परिक ज्ञान एवं पर्यावरण संरक्षण पर टिप्पणी कीजिए।
  39. प्रश्न- पारम्परिक ज्ञान को परिभाषित करते हुए उसकी विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
  40. प्रश्न- जैव-विविधता से आप क्या समझते हैं? पारिस्थितिक तंत्र की स्थिरता में इसके योगदान की विवेचना कीजिए।
  41. प्रश्न- जैव विविधता संरक्षण हेतु भारत के राष्ट्रीय पार्कों तथा अभ्यारण्यों की भूमिका का वर्णन कीजिए।
  42. प्रश्न- पादप संरक्षण से आप क्या समझते हैं? विभिन्न संकटग्रस्त पादपों के संरक्षण के लिए किये गये विभिन्न उपायों की विवेचना कीजिए।
  43. प्रश्न- जैव-विविधता के विलोपन (ह्रास) के मुख्य कारण क्या हैं? उनका वर्णन कीजिए।
  44. प्रश्न- जैव विविधता के संरक्षण के उपायों पर प्रकाश डालिए।
  45. प्रश्न- जैव विविधता के संरक्षण की कौन-कौन सी विधियाँ हैं? पर्यावरण संतुलन में इसकी क्या भूमिका है?
  46. प्रश्न- जैव विविधता का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
  47. प्रश्न- जैव विविधता के विभिन्न स्तरों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
  48. प्रश्न- जैव विविधता में ह्रास के प्रमुख कारणों का उल्लेख कीजिए।
  49. प्रश्न- जैव विविधता संरक्षण के उपाय स्पष्ट कीजिए।
  50. प्रश्न- "वनोन्मूलन वातावरण का एक कारक है।' भारत के सन्दर्भ में इसकी विवेचना कीजिए।
  51. प्रश्न- भारतवर्ष में वातावरण का विनाश किन-किन क्षेत्रों में सर्वाधिक हुआ है? स्पष्ट कीजिए।
  52. प्रश्न- वन विनाश का पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभावों की विवेचना कीजिए।
  53. प्रश्न- भारत में वनोन्मूलन के कारणों का उल्लेख कीजिए।
  54. प्रश्न- वनों के महत्व को बताइये।
  55. प्रश्न- भारतीय वन व्यवसाय की समस्यायें बताइए।
  56. प्रश्न- भारत में वन संरक्षण नीति क्या है?
  57. प्रश्न- वन संरक्षण के उपाय बताइये।
  58. प्रश्न- भारत में वन संरक्षण नीतियों को समझाइए।
  59. प्रश्न- वन संरक्षण क्यों आवश्यक है?
  60. प्रश्न- वनों के विकास के कारक बताइये।
  61. प्रश्न- पर्यावरण के सुधार में वनीकरण की भूमिका क्या है?
  62. प्रश्न- चिपको आन्दोलन को समझाइए।
  63. प्रश्न- वन विनाश की समस्या पर टिप्पणी लिखिए।
  64. प्रश्न- मिट्टी के कटाव के प्रमुख प्रकार बताइये, मिट्टी के कटाव के प्रमुख कारणों का वर्णन कीजिए तथा इसके निस्तारण के उपाय बताइये।
  65. प्रश्न- मृदा अपरदन से उत्पन्न पर्यावरणीय समस्याएँ क्या हैं? मृदा अपरदन को रोकने के क्या उपाय हैं?
  66. प्रश्न- मृदा अपरदन से क्या तात्पर्य है?
  67. प्रश्न- मृदा क्षय और मृदा अपरदन रोकने के उपाय बताइये।
  68. प्रश्न- मिट्टी अपरदन के कारण क्या हैं? बताइये।
  69. प्रश्न- मृदा अपरदन में मुख्य रूप से कौन प्रक्रियायें सम्मिलित होती हैं? बताइये।
  70. प्रश्न- मृदा की अपरदनशीलता से क्या तात्पर्य है? मिट्टियों की अपरदनशीलता किन कारकों पर आधारित होती हैं? बताइये।
  71. प्रश्न- FAO के अनुसार कौन से कारक मृदा अपरदन को प्रभावित करते हैं बताइये?
  72. प्रश्न- मृदा संरक्षण के संदर्भ में विस्तृत टिप्पणी लिखिए।
  73. प्रश्न- मिट्टी की थकावट क्या है?
  74. प्रश्न- मरुस्थलीयकरण से आप क्या समझते हैं?
  75. प्रश्न- मरुस्थलीयकरण के कारणों की विवेचना कीजिए।
  76. प्रश्न- मरुस्थलीयकरण के प्रभाव बताइये।
  77. प्रश्न- मरुस्थलीय प्रक्रिया के प्रमुख रूपों की विवेचना कीजिए।
  78. प्रश्न- मरुस्थलीयकरण नियंत्रण के उपाय बताइये।
  79. प्रश्न- मरुस्थलीयकरण नियंत्रण के उपायों की विवेचना कीजिए।
  80. प्रश्न- मरुस्थल कितने प्रकार के होते हैं?
  81. प्रश्न- भारत के भेद में मरुस्थलीकरण के निरन्तर विस्तार को समझाइये |
  82. प्रश्न- पर्यावरण प्रदूषण भारत की मुख्य समस्या है। प्रदूषण समस्या की समीक्षा निम्नलिखित संदर्भ में कीजिए (i) वायु प्रदूषण (ii) जल प्रदूषण।
  83. प्रश्न- जल प्रदूषण की परिभाषा दीजिए। जल प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों का वर्णन करते हुए नियंत्रण के उपाय बताइये।
  84. प्रश्न- जल संरक्षण एवं प्रबन्धन के महत्व की विवेचना करते हुए जल संरक्षण एवं प्रबन्धन की प्रमुख विधियों का विवरण लिखिए।
  85. प्रश्न- प्रदूषण किसे कहते हैं? वायु प्रदूषण के कारण एवं नियंत्रण का वर्णन कीजिये।
  86. प्रश्न- ठोस अपशिष्ट से क्या आशय है? ठोस अपशिष्ट के कारणों तथा प्रभावों की विवेचना कीजिए।
  87. प्रश्न- पर्यावरण प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?
  88. प्रश्न- पर्यावरण प्रदूषण की परिभाषा बताइए।
  89. प्रश्न- पर्यावरण प्रदूषण के सामान्य कारणों को बताइए।
  90. प्रश्न- पर्यावरण संतुलन से क्या अभिप्राय है?
  91. प्रश्न- पर्यावरण प्रदूषक क्या है? इनके प्रकारों को बताइये।
  92. प्रश्न- पर्यावरण प्रदूषण का वर्गीकरण कीजिए।
  93. प्रश्न- वायु प्रदूषण क्या है?
  94. प्रश्न- वायु प्रदूषण की परिभाषा बताइये।
  95. प्रश्न- वायु प्रदूषकों के प्रकारों को बताइये।
  96. प्रश्न- वायु प्रदूषण के स्रोतों को बताइए।
  97. प्रश्न- वायु प्रदूषण के प्रकार बताइए।
  98. प्रश्न- भारत के सन्दर्भ में वायु प्रदूषण की समीक्षा कीजिए।
  99. प्रश्न- वायु प्रदूषण का पर्यावरण में प्रभाव को बताइए, तथा विवेचना कीजिए।
  100. प्रश्न- वायु प्रदूषण रोकने के उपाय बताइए।
  101. प्रश्न- जल प्रदूषण की प्रकृति को बताइए।
  102. प्रश्न- जल प्रदूषण का वर्गीकरण कीजिए।
  103. प्रश्न- गंगा प्रदूषण पर निबंध लिखिए या गंगा प्रदूषण की विवेचना कीजिए।
  104. प्रश्न- किन प्रमुख स्रोतों से गंगा का जल प्रदूषित हो जाता है कारण बताइए।
  105. प्रश्न- गंगा जल प्रदूषण को रोकने के उपाय बताइए।
  106. प्रश्न- जल प्रदूषण के प्रभावों को बताइए तथा इन कारकों की विवेचना कीजिए।
  107. प्रश्न- ध्वनि प्रदूषण के कारण एवं नियंत्रण पर प्रकाश डालिए।
  108. प्रश्न- मृदा प्रदूषण से आप क्या समझते हैं? परिभाषित कीजिए।
  109. प्रश्न- मृदा की गुणवत्ता में हास या अवनयन किन-किन कारणों से होता है, बताइए?
  110. प्रश्न- मृदा प्रदूषण के कारकों को बताइए तथा मिट्टी प्रदूषकों के नाम बताइए।
  111. प्रश्न- मिट्टी प्रदूषण के स्रोतों को बताइए।
  112. प्रश्न- मिट्टी प्रदूषण के कुप्रभाव बताइए।
  113. प्रश्न- ठोस अपशिष्टों के घटकों की विवेचना कीजिए।
  114. प्रश्न- ठोस अपशिष्ट प्रदूषण की परिभाषा बताइए।
  115. प्रश्न- ठोस अपशिष्ट के स्रोत बताइए।
  116. प्रश्न- ठोस अपशिष्ट के प्रकार बताइये तथा प्रत्येक की संक्षिप्त विवेचना कीजिए।
  117. प्रश्न- ठोस अपशिष्टों का प्रदूषण में क्या योगदान है विवेचना कीजिए।
  118. प्रश्न- ठोस अपशिष्ट पदार्थों के निपटान के बारे में सुझाव दीजिए।
  119. प्रश्न- ध्वनि प्रदूषक क्या हैं?
  120. प्रश्न- प्रदूषित पेयजल जनित रोग बताइए?
  121. प्रश्न- "पर्यावरण प्रदूषण एक अभिशाप है।' स्पष्ट कीजिए।
  122. प्रश्न- जल संरक्षण की विधियों का विवेचन कीजिए।
  123. प्रश्न- ठोस अपशिष्ट क्या है?
  124. प्रश्न- गंगा एक्शन प्लान (GAP) का वर्णन कीजिए।
  125. प्रश्न- टिहरी उच्च बाँध परियोजना के क्या कारण थे? स्पष्ट कीजिए।
  126. प्रश्न- टाइगर प्रोजेक्ट के विशेष सन्दर्भ में वन्य जीवन परिसंरक्षण की सार्थकता की विवेचना कीजिए।
  127. प्रश्न- भारत की बाघ परियोजना का विस्तार से वर्णन कीजिये।
  128. प्रश्न- नर्मदा घाटी परियोजना का वर्णन कीजिए।
  129. प्रश्न- नर्मदा घाटी से सम्बन्धित पर्यावरणीय चिन्ताएँ क्या हैं? स्पष्ट कीजिए।
  130. प्रश्न- गंगा एक्शन प्लान की समीक्षा कीजिए।
  131. प्रश्न- टिहरी बाँध परियोजना का वर्णन कीजिए।
  132. प्रश्न- टिहरी बाँध परियोजना के क्या उद्देश्य थे?
  133. प्रश्न- भारत में कितने टाइगर अभयारण्य हैं?
  134. प्रश्न- भारत में टाइगर प्रोजेक्ट योजना का निर्माण क्यों आवश्यक था?
  135. प्रश्न- गंगा कार्य योजना (गंगा एक्शन प्लान) के संस्थागत पहल के विषय में बताइए।
  136. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन को समझना क्यों आवश्यक है?
  137. प्रश्न- ग्लोबल वार्मिंग क्या है? इसके मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों की विवेचना कीजिए।
  138. प्रश्न- वैश्विक उष्णता से आप क्या समझते हैं? इसके कारण तथा प्रभावों का वर्णन कीजिए।
  139. प्रश्न- हरित गृह प्रभाव की विवेचना कीजिए।
  140. प्रश्न- हरित गैस के प्रमुख स्रोत बताइए।
  141. प्रश्न- हरित गृह द्वारा कौन-कौन सी समस्यायें उत्पन्न होती हैं? समझाइए।
  142. प्रश्न- हरित गृह प्रभाव की रोकथाम को बताइए।
  143. प्रश्न- ओजोन क्षरण से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन कीजिए।
  144. प्रश्न- ओजोन परत क्षरण के कारण लिखिए।
  145. प्रश्न- भूमण्डलीय ताप वृद्धि के प्रभाव क्या है?
  146. प्रश्न- प्रमुख भूमण्डलीय समस्याओं को बताइये।
  147. प्रश्न- भूमण्डलीय तापन की विवेचना कीजिए।
  148. प्रश्न- प्रथम पृथ्वी सम्मेलन (रियो सम्मेलन) के प्रमुख मुद्दों को बताइए।
  149. प्रश्न- प्रथम पृथ्वी सम्मेलन के मुद्दों की संक्षिप्त विवेचना कीजिए।
  150. प्रश्न- वैश्विक ताप वृद्धि के निवारक उपाय बताइए।
  151. प्रश्न- भारतीय पर्यावरण विधियों (अधिनियमों) की कमियाँ बताइये।
  152. प्रश्न- भारत पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का वर्णन कीजिए।
  153. प्रश्न- वैश्विक जलवायु आकलन आई.पी.सी.सी. पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
  154. प्रश्न- आई.पी.सी.सी. की मूल्यांकन रिपोर्ट का वर्णन कीजिए।
  155. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल की व्याख्या कीजिए एवं आई.पी.सी.सी. की आकलन रिपोर्ट बताइए।
  156. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन क्या है एवं इसके कारकों का उल्लेख कीजिए।
  157. प्रश्न- ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलवायु परिवर्तन के संभावित वैश्विक प्रभाव को बताइए।
  158. प्रश्न- एशियाई क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का वर्णन कीजिए।
  159. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना का वर्णन एवं इसके मिशन को भी बताइए।
  160. प्रश्न- राष्ट्रीय सौर मिशन की व्याख्या कीजिए।
  161. प्रश्न- उन्नत ऊर्जा दक्षता के लिये राष्ट्रीय मिशन के उद्देश्य क्या हैं?
  162. प्रश्न- सुस्थित निवास पर राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य बताइए।
  163. प्रश्न- राष्ट्रीय जल मिशन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
  164. प्रश्न- सुस्थिर हिमालयी पारिस्थितिक तंत्र हेतु राष्ट्रीय मिशन की व्याख्या कीजिए।
  165. प्रश्न- हरित भारत हेतु राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य क्या है .
  166. प्रश्न- सुस्थिर कृषि पर राष्ट्रीय मिशन की व्याख्या करें।
  167. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन हेतु रणनीति ज्ञान पर राष्ट्रीय मिशन पर प्रकाश डालिए।
  168. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।
  169. प्रश्न- "जलवायु परिवर्तन एवं भारतीय स्थिति पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
  170. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन के सम्बन्ध में भारत और अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर टिप्पणी लिखिए।
  171. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन के प्रतिकार के प्रस्ताव की विवेचना कीजिए।
  172. प्रश्न- जलवायु हितैषी उपायों की व्याख्या कीजिए।
  173. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन पर निगरानी रखने से आप क्या समझते हैं?
  174. प्रश्न- अनुसंधान क्षमता और संस्थागत आधारभूत संरचना का निर्माण जलवायु परिवर्तन के लिये क्यों आवश्यक है?
  175. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन पर शैक्षिक ढाँचा क्यों आवश्यक है?
  176. प्रश्न- पर्यावरण प्रकोप से क्या आशय है? प्राकृतिक एवं मानव जनित प्रकोपों की विस्तृत विवेचना कीजिए।
  177. प्रश्न- पर्यावरण प्रकोप तथा विनाश का अर्थ एवं परिभाषा को बताइए।
  178. प्रश्न- पर्यावरण प्रकोप के प्रकार बताइए।
  179. प्रश्न- प्राकृतिक प्रकोप की विवेचना कीजिए।
  180. प्रश्न- मानव जनित प्रकोप की विवेचना कीजिए।
  181. प्रश्न- प्रकोप के प्रति सामाजिक प्रतिक्रिया की विवेचना कीजिए।
  182. प्रश्न- प्राकृतिक प्रकोपों तथा आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए प्रबंधन के अन्तर्गत किन- किन पक्षों को सम्मिलित किया जाता है।
  183. प्रश्न- Idndr के तहत प्रकोप नयूनीकरण कार्यक्रम के उद्देश्य बताइये।
  184. प्रश्न- सूखा प्रकोप से आप क्या समझते हैं? सूखा प्रकोप के प्रभाव बताइये।
  185. प्रश्न- सूखा नियंत्रण के उपाय बताइये।
  186. प्रश्न- बाढ़ प्रकोप से आप क्या समझते हैं? बाढ़ के कारण बताइए।
  187. प्रश्न- बाढ़ नियंत्रण के उपाय बताइये।
  188. प्रश्न- भूकम्प प्रकोप का सामान्य परिचय देते हुए उनके प्रभावों को बताइए।
  189. प्रश्न- भारत के जोखिमकारी अवशिष्टों का प्रबन्धन क्यों आवश्यक है एवं देश में जोखिमकारी अवशिष्टों को पर्यावरणीय अनुकूलन की दृष्टि से प्रबन्धित करने हेतु विभिन्न हस्तक्षेपों का वर्णन कीजिए।
  190. प्रश्न- जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण से जैव विविधता के सामने प्रस्तुत खतरे और समाधान को बताइए।
  191. प्रश्न- "आक्रामक विजातिय प्रजातियों से नियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। कथन की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
  192. प्रश्न- जोखिमकारी अवशिष्टों के उत्पन्न होने के क्या कारण हैं?
  193. प्रश्न- अवशिष्टों की उत्पत्ति पर कैसे नियंत्रण किया जा सकता है?
  194. प्रश्न- "पुनर्उपयोग, पुनः प्राप्त करना पुनर्चक्रणीय जोखिमकारी अवशिष्ट" की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए।
  195. प्रश्न- जोखिमकारी नियामक ढाँचे से आप क्या समझते हैं?
  196. प्रश्न- 'अधिवास के नुकसान से दबाव, अवमूल्यन में कमी से आप क्या समझते हैं?
  197. प्रश्न- राष्ट्रीय वानिकी और पारिस्थितिकीय विकास बोर्ड के कार्य बताइए।
  198. प्रश्न- प्राकृतिक आपदाओं के प्रकार एवं आपदा प्रबन्धन का वर्णन कीजिए।
  199. प्रश्न- कृषि व सिंचाई की दृष्टि से जल की उपलब्धता व सूखे का वर्णन कीजिए।
  200. प्रश्न- सूखा-प्रणत क्षेत्र कार्यक्रम का वर्णन कीजिए।
  201. प्रश्न- आपदा के समय क्या करना एवं क्या न करना चाहिए?
  202. प्रश्न- प्राकृतिक आपदाएँ एवं प्रबन्धन के विषय में बताइए।
  203. प्रश्न- प्राकृतिक आपदाओं से अत्यधिक प्रभावित राज्य कौन से हैं?
  204. प्रश्न- सूखा अथवा अनावृष्टि को परिभाषित कीजिए।
  205. प्रश्न- जल की उपलब्धता पर सूखे के प्रभाव का वर्णन कीजिए।
  206. प्रश्न- सुनामी आपदा क्या है? परिभाषित कीजिए।
  207. प्रश्न- भारतीय तटों पर सुनामी का वर्णन कीजिए।
  208. प्रश्न- 26 दिसम्बर 2004 का सुनामी आपदा का वर्णन कीजिए।
  209. प्रश्न- सुनामी द्वारा लाये गये परिवर्तनों का उल्लेख कीजिए।
  210. प्रश्न- 2013 की अनावृष्टि (सूखा) का विवरण दीजिए।
  211. प्रश्न- परमाणु आपदा का विवरण दीजिए। इससे होने वाले विनाशों का वर्णन कीजिए।
  212. प्रश्न- रासायनिक आपदा क्या है? परिभाषित कीजिए।
  213. प्रश्न- किसी आपात या रासायनिक आपात स्थिति के दौरान क्या करना चाहिए?
  214. प्रश्न- नाभिकीय / रेडियोधर्मी प्रदूषण को रोकने के उपाय का वर्णन कीजिए।
  215. प्रश्न- भू-स्खलन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

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